शुक्रवार, 29 अप्रैल 2011

janaaza....

जनाज़ा....

परवान चढ़ा कर इस प्यार को,
यूँ बदल जायेगा तू
शायद ये मुझे मंजूर न था
कल अगर दिख जाये कहीं जनाज़ा हमारा.
तो ये मत कहना ये कसूर न था तुम्हारा!!:(


2 टिप्‍पणियां:

  1. U HI KISI KE DIL SE ESI AWAJ NAHI APTI, JAB TAK KISI PAR WAKT KI MAAR NA PADI HO. . . . APKI YE SHAYRI PASAND AYI . . .0.
    JAI HIND JAI BHARAT

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  2. "Zindagi ka matlab samajh jaoge, Jab baarish me patang udaoge" - Majboor

    Hi dear...keep on writing new n gud stuff...nevr leave ur writing.... Chandani

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